Braille class for Blind Girls in Agra by Antardrishti

Administrator Saturday 05 December 2009 - 06:57:00   Comments: 0

आगरा। आज दिनांक 3 दिसंबर 2009 को अंतरदृष्टि द्वारा विश्‍व विकलांग दिवस के अवसर पर हरिपर्वत स्थित क्‍वीन विक्‍टोरिया गर्लस इंटर कालेज के रेड क्रास भवन में प्रातः 12 बजे दृष्टिहीन लड़कियों और बच्‍चों के लिए ब्रेल की कक्षाओं की शुरूआत हुई। इस अवसर पर श्रीधर उपाध्‍याय (दृष्टिहीन) ने दृष्टिहीन लड़कियों विकलांग दिवस के महत्‍व को समझाते हुए बताया कि यदि ठान लिया जाये तो कुछ भी असंभव नही हैं। कुछ पाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है और यह बात दृष्टिहीनों और अन्‍य विकलांगजनों पर भी लागू होती है। अंतरदृष्टि के अखिल श्रीवास्‍तव ने सभी सहभागियों का स्‍वागत करते हुए बताया कि ब्रेल दृष्टिहीनो को आत्‍मनिर्भर बनने में मदद करता है, साथ ही उन्‍होंने कहां कि दृष्टिहीन भी सामान्‍य लोगों की तरह अपना जीवन जी सकते है, बस जरूरत इस बात की है कि दृष्टिहीन पढ़ाई के साथ-साथ अपने व्‍यक्तिव का निर्माण भी करें ताकि समाज के अन्‍य लोगों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल सके।





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शिवानी (दृष्टिहीन) ने कहा कि एक सेंटर खोला जाना चाहिए जिसमें दृष्टिहीन युवक युवतियों को रोजगारोपयोगी प्रशिक्षण दिया जा सके। आज हमारे देश में विकलांगों को शिक्षा तो मिल रही है लेकिन रोजगार के अवसर उपलब्‍ध नहीं है। आगरा जिले में दृष्टिहीनों के लिए एक हास्‍टल खोले जाने की भी जरूरत महसूस की गई। यदि शहर में हास्‍टल होगा तो दृष्टिहीनों के लिए जो थोड़े बहुत अवसर अंतरदृष्टि के प्रयासों से उपलब्‍ध है उनका उपयोग हो सकेगा और दृष्टिहीनों को भी रोजगार मिल सकेगा। क्‍वीन विक्‍टोरिया गर्लस इंटर कालेज में दृष्टिहीन लड़कियों के ब्रेल की शिक्षा शुरू होने को स्‍वागत करते हुए शिल्‍पी (दृष्टिहीन) ने कहॅां कि आगरा में इसकी बहुत जरूरत थी, क्‍योंकि यहां पर लड़कियों के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्‍ध नहीं है। मंजू उपाध्‍याय (दृष्टिहीन) ने कहां कि आज दृष्टिहीन लड़किया सारा काम खुद से कर लेती है, चाहे खाना बनाना हो या पढ़ाई करना हो। उन्‍होंने साथ में भी यही सुझाव दिया की मीडिया के माध्‍यम से ज्‍यादा से ज्‍यादा दृष्टिहीन लड़कियों को इस तरह के कार्यक्रम से जोड़ा जाये ताकि उनकी भी पढ़ाई ठीक तरह से हो सके। शिवानी जिनकों क्रोशिया की बुनाई और खिलौनों को बनाने में दक्षता हासिल है अपनी बनाई हुई वस्‍तुओं को दिखाते हुए कहा कि आज उन्‍हें अपने जैसी दूसरी दृष्टिहीन ल‍ड़कियों से मिल कर बड़ी खुशी हो रही है और वो इन दूसरी ल‍ड़कियों को भी इस कला को सिखाना चाहेगी। उन्‍होंने क्रोशिया और उन के द्वारा गणेश जी, कृष्‍ण भगवान के लिए कपड़े, दूध की बोतल का कवर आदि को भी सबको दिखाया।



कार्यक्रम के अंत में श्रीधर उपाध्‍याय ने बताया कि कल से 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक हरिपर्वत स्थित क्‍वीन विक्‍टोरिया गर्लस इंटर कालेज के रेड क्रास भवन में दृष्टिहीन लड़कियों और बच्‍चों के लिए ब्रेल की कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक चलेगी। जो दृष्टिहीन लड़कियां और बच्‍चे ब्रेल सिखना चाहते है वो कृप्‍या 09412258575, 09358396846 पर संपर्क कर अपना लिखा दें। तत्‍पश्‍चात अखिल श्रीवास्‍तव ने श्रीमति मीनाक्षी दास, प्रधानाचार्य, क्‍वीन विक्‍टोरिया गर्लस इंटर कालेज का आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इस तरह के कार्यक्रम को करना लगभग असंभव सा था। अंत में उपस्थित लोगों का धन्‍यवाद देते हुए कहा कि अंतरदृष्टि के पास 18 से 30 वर्ष की आयु वाले दृष्टिहीनों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्‍ध है इच्‍छुक दृष्टिहीन 09412258575 पर संपर्क कर सकते हैं।
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