Eye Donation fortnight - 25 August to 8 September 2010
Photographs of Eye Donation Camp organised by Antardrishti.
click here to see more photo
We are celebrating
Eye Donation fortnight
from
25 August 2010 to 8 September 2010.
During this fortnight we focus on creating awareness among the masses to pledge for Eye Donation. Fighting out misbelieves, superstitions, and mistaken notions about eye donation are also part of this campaign. For this purpose we have developed a poster, which is self-explanatory. We request you all to download the poster, which is available in Hindi and English, take printouts and display it at places like offices, schools, colleges and other prominent places and encourage your friends and colleagues to donate their eyes.
Join us in our campaign forEye Donation
To download Eye Donation Form in hindi click on the link PDF | JPG To download Eye Donation Form in English click on the link PDF | JPG
To download Presentation on Eye Donation click on the link PDF | If you have any queries, suggestions, feedback on Eye Donation, please mail us at eyedonation@antardrishti.org and we will try to clarify them at our best!
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25 August 2010 to 8 September 2010.
During this fortnight we focus on creating awareness among the masses to pledge for Eye Donation. Fighting out misbelieves, superstitions, and mistaken notions about eye donation are also part of this campaign. For this purpose we have developed a poster, which is self-explanatory. We request you all to download the poster, which is available in Hindi and English, take printouts and display it at places like offices, schools, colleges and other prominent places and encourage your friends and colleagues to donate their eyes.
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दृष्टिहीन बच्चों के लिए ब्रेल क्लासजी हॉं मै भी पढ़ सकती हूँ ''जी हॉं मै भी पढ़ सकती हूँ लोगों की भावनाओं को, उनके अनुभवों को, उनकी सफलताओं को, समाचार को और भी बहुत कुछ। मुझे भी लिखना आता है अपने विचारो को, अपनी भावनाओं को, मै भी लिख कर अपनी भावनाओं, विचारों को सभी लोगों के साथ बांट सकती हूँ और अपना योगदान दे सकती हूँ संसार को आगे बढ़ाने में, समाज को बेहतर बनाने में। आप सोच रहे होंगे कि इसमें कौन सी ऐसी नयी बात है जिसके लिए मैं उत्साहित हूँ - एक पढ़े-लिखे व्यक्ति से सब लोग इसी तरह की उम्मीद रखते है। लेकिन नहीं यहां पर एक बडा अंतर है - मैं दृष्टिहीन पैदा हुई थी। आज मै अगर ये सब कर पा रही हूँ तो सिर्फ इस लिए क्योंकि मैंने ब्रेल सीखी है। ब्रेल सिस्टम एक तरह की लिपि है, जिसको दुनिया भर में नेत्रहीनों को पढ़ने और लिखने में छूकर व्यवहार में लाया जाता है। इसमें प्रत्येक आयताकार सेल में 6 डॉट्स होते हैं, जो थोड़े-थोड़े उभरे होते हैं। यह दो पंक्तियों में बनी होती हैं। इस आकार में अलग-अलग 64 अक्षरों को बनाया जा सकता है। सेल की बांई पंक्ति में उपर से नीचे 1,2,3 बने होते हैं। इसी तरह दांईं ओर 4,5,6 बनी होती हैं। एक डॉट की औसतन ऊंचाई 0.02 इंच होती है। यदि देखा जाये तो ब्रेल दृष्टिहीनों के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के साथ-साथ उनमें कौशल तथा कुछ कर गुजरने की तमन्ना का मूल आधार बना हुआ है। जिन दृष्टिहीनों को ब्रेल अच्छी तरह से आती है उनकों जीवन के हर क्षेत्र में मदद मिलती है चाहे वो नौकरी कर रहे हो या पढ़ाई या फिर संगीत। ब्रेल आधारित बहुत सारे छोटे-छोटे उपकरण भी उपलब्ध है जिनका इस्तेमाल कही भी किया जा सकता है। चाहे वो नोट्स लेने में ही क्यो न हो। वास्तव में दृष्टिहीनों के जीवन में ब्रेल एक अहम स्थान रखती है। यह न सिर्फ उन्हें शिक्षित बनाती है बल्कि उन्हें आजादी का, बराबरी का भी एहसास कराती है। ब्रेल कुंजी है रोजगार की, आजादी की, और सफलता की। यह बहुत जरूरी है कि प्रत्येक ऐसे बच्चे को जो कि दृष्टिहीन है ब्रेल सिखाया जाय। पिछले साल की तरह इस साल भी अंतरदृष्टि दृष्टिहीन बच्चों मुख्य रूप से लड़कियों के लिए ब्रेल की कक्षाओं की शुरूआत क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कालेज, हरी पर्वत आगरा में 25 अगस्त से करने जा रहा है। यदि आप किसी दृष्टिहीन को जानते है तो यह जानकारी उस तक पहुंचाने का कष्ट करें। यह इस लिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि आगरा में दृष्टिहीन लड़कियों के लिए ब्रेल सिखाने की कोई व्यवस्था नहीं है इस कारण ज्यादातर लड़कियां पढ़ाई में पिछड़ जाती है। दृष्टिहीन बच्चों के लिए ब्रेल क्लास स्थान- क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कालेज, हरी पर्वत, आगरा समय- 11:30 से 1 बजे तक , सोमवार से शुक्रवार तक जो दृष्टिहीन लड़कियां / बच्चे ब्रेल सिखना चाहते है वो कृप्या 9412258575, 9358396846 पर संपर्क कर अपना लिखा दें। सधन्यवाद शिल्पी अंतरदृष्टि |
अंतरदृष्टि फोरम फॉर फ्रेन्डस ऑफ ब्लाइंड की बैठक![]() आज दिनांक 8 अगस्त 2010 को अंतरदृष्टि फोरम फॉर फ्रेन्डस ऑफ ब्लाइंड को गति देने हेतु दोपहर 3 बज कर 30 मिनट पर अंतरदृष्टि कार्यालय में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा की शुरूआत करते हुए श्रीधर उपाध्याय ने फोरम के गठन के बाद से लेकर अभी तक हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और आज की परिचर्चा के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। रघुनाथ जी ने परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि फोरम की हर दूसरे महीने एक बैठक की जाये और हर बैठक में यह सुनिश्चित किया जाये की कम से कम 10 नये लोग जोड़े जाये और कोशिश की जाये कि ज्यादा से ज्यादा दृष्टिहीन भाईयों एवं उनके अभिभावकों को शामिल किया जाये। बैठक को शुरूआत में एक तय जगह पर किया जाये और जब सदस्य बढ़ जाये तो इसको अन्य जगहों पर भी किया जाये। फोरम के प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया। फिरोजाबाद से आये विकास जैन ने फिरोजाबाद में भी फोरम की गतिविधियों की शुरूआत करने का सुझाव दिया, जिस पर सभी सहभागी सहमत थे और यह तय किया गया कि मथुरा में जयकरन और फिरोजाबाद में विकास के सहयोग से फोरम की एक बैठक जल्द ही बुलाई जायेगी। शिल्पी ने परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हम लोगों को दृष्टिहीन लड़कियों और उनके अभिभावकों को फोरम की बैठकों में शामिल करने की लिए दबाव बनाना चाहिए क्योंकि देखा यह जाता है कि दृष्टिहीन लड़कियों के लिए आगरा शहर में सुविधाएं बिल्कुल नहीं है और इस कारण वो समाज की मुख्य धारा से पूरी तरह से अलग हो जाती है। चर्चा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि फोरम की सदस्यता के लिए एक फार्म तैयार किया जाये और विधिवत रूप से इसका लेखा-जोखा रखा जाये। सदस्यता शुल्क और सदस्यता संबंधी अन्य बातो पर बातचीत अगली बैठक में किये जाने का प्रस्ताव पास हुआ। परिचर्चा में मुख्य रूप से श्रीधर उपाध्याय, रघुनाथ, राम धनुष, जयकरन, अमरीष पुरी, शिल्पी, विकास जैन (सभी दृष्टिहीन), के अलावा, मनोहर लाल गिदवानी, अंकित रतन, डा. अमर प्रकाश, जितेन्द्र, ए. बी. श्रीवास्तव, अजय आदि ने भाग लिया। |
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